E
भारतीय शेयर बाजार और फाइनेंस के क्षेत्र में 'E' से शुरू होने वाले शब्द निवेश की गुणवत्ता और कंपनी की सेहत समझने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। भारतीय दृष्टि से मुख्य 'E' शब्द निम्नलिखित हैं:
1. EPS (Earnings Per Share - प्रति शेयर आय)
यह भारतीय निवेशकों के लिए सबसे बुनियादी 'E' है। यह बताता है कि कंपनी ने अपने प्रत्येक शेयर पर कितना मुनाफा कमाया है।
- महत्व: EPS जितना अधिक होगा, कंपनी उतनी ही लाभदायक मानी जाती है। निवेशक अक्सर EPS देखकर ही कंपनी की ग्रोथ का अंदाजा लगाते हैं.
2. Equity (इक्विटी/शेयर)
भारत में जब हम 'शेयर बाजार' की बात करते हैं, तो अक्सर हमारा मतलब Equity Market से होता है।- यह कंपनी में आपकी हिस्सेदारी या स्वामित्व (Ownership) को दर्शाता है.
- भारतीय बाजार (NSE/BSE) में इक्विटी ट्रेडिंग सबसे लोकप्रिय है.
3. ESG Investing (ईएसजी निवेश)
आजकल भारतीय बाजार में Environmental (पर्यावरण), Social (सामाजिक), और Governance (शासन) यानी ESG पर आधारित निवेश का चलन बढ़ा है.- भारतीय नियामक (SEBI) ने बड़ी कंपनियों के लिए ESG रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी है ताकि निवेशक टिकाऊ और जिम्मेदार कंपनियों में निवेश कर सकें.
4. EBITDA (एबिटडा)
यह कंपनी की परिचालन लाभप्रदता (Operating Profitability) को मापने का पैमाना है।- पूरा नाम: Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization (ब्याज, टैक्स और मूल्यह्रास से पहले की कमाई).
- भारतीय विश्लेषक इसका उपयोग अलग-अलग आकार की कंपनियों के व्यापारिक प्रदर्शन की तुलना करने के लिए करते हैं.
5. ETF (Exchange Traded Fund)
भारत में Nifty BeES जैसे ETF बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं।- यह म्यूचुअल फंड की तरह होता है लेकिन इसे शेयरों की तरह बाजार में सीधे खरीदा और बेचा जा सकता है.
6. E-Margin (ई-मार्जिन)
यह भारत के कई स्टॉक ब्रोकरों द्वारा दी जाने वाली एक सुविधा है।- इसमें निवेशक कम पैसे देकर ज्यादा शेयर खरीद सकते हैं और बाकी पैसा ब्रोकर लोन के रूप में देता है, जिसे कुछ समय बाद चुकाना होता है.
7. EX-Date (एक्स-डेट)
जब कोई भारतीय कंपनी डिविडेंड या बोनस की घोषणा करती है, तो Ex-date वह तारीख होती है जिस दिन या उससे पहले शेयर खरीदने पर ही आपको उस लाभ का हक मिलता हैMay 10, 2026 2:54 PM
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