सूखे में कुआँ खोदना एक निवेश
एक गाँव में किसी समय बारिश नहीं हुआ ,जिसके कारण फसल भी प्रभावित हुई थी | कई किसान अपना फसल को सुखा के कारण नष्ट होते देखे ,कई किसान खर्ज में डूब गए | पूरा गाँव में सुखा ही चर्जा का विषय बन गया था | गाँव के कुछ लोग उस सुखा से उबरने के लिए रोजी - रोटी की तालाश में परदेश जाने लगे | वे लोग जिनके पास पुरानी जमा पूंजी थे वो लोग गाँव में रुके रहे | लेकिन ज्यादातर लोग गाँव छोड़कर जाने लगे |
उसी गाँव में गोपाल नाम का एक छोटा किसान रहता था | सरल ,सहज ,आशावादी और बहुत मेहनती आदमी था | उनके घर में दो छोटे बच्चे और उनकी पत्नी रहा करता था | सुखा के मार ने उसे भी बहुत प्रभावित किया | जैसे सभी गाँव वाले अपने जीवनयापन के लिए अन्य राज्य जाने लगे, उनमे से उनके कुछ दोस्तों से उसे भी अपने साथ जाने की बात कहा मगर गोपाल ने बाहर राज्य जाने से मना कर दिया | उन्होंने ने निर्णय किया कि वह किसी तरह अपने गाँव में ही रहेगा ,अपनी कुछ जमा पूंजी से एक साल तक जब तक अगला मौसम नहीं आ जाता तब तक वो गाँव में ही रहेगा | उनके दोस्त लोग बहुत समझाए मगर गोपाल ने किसी का नहीं मानी | गोपाल कुछ समय के लिए सोचा कि आखिर गाँव में रहकर आखिर क्या किया जाये ? सोचते सोचते विचार आया कि क्यों न एक खेत में कुआं खोदा जाये | गोपाल कुआं खोदने के कार्य में लग गया ,उसे कुआं खोदते देख कुछ गाँव वाले उसे ऐसा करते देख कहने लगे कि देखो पागल आदमी सुखा में कुवां खोद रहा है ,उस पर हँसते थे ,उसकी मजाक उठाते थे | गोपाल किसी की नहीं सुनी ,वो कुआं खोदते रहे ,अपने काम में लगे रहे | आखिरकार उनका मेहनत रंग लाया और कुआं से पानी निकल आया |
सीख
उसी गाँव में गोपाल नाम का एक छोटा किसान रहता था | सरल ,सहज ,आशावादी और बहुत मेहनती आदमी था | उनके घर में दो छोटे बच्चे और उनकी पत्नी रहा करता था | सुखा के मार ने उसे भी बहुत प्रभावित किया | जैसे सभी गाँव वाले अपने जीवनयापन के लिए अन्य राज्य जाने लगे, उनमे से उनके कुछ दोस्तों से उसे भी अपने साथ जाने की बात कहा मगर गोपाल ने बाहर राज्य जाने से मना कर दिया | उन्होंने ने निर्णय किया कि वह किसी तरह अपने गाँव में ही रहेगा ,अपनी कुछ जमा पूंजी से एक साल तक जब तक अगला मौसम नहीं आ जाता तब तक वो गाँव में ही रहेगा | उनके दोस्त लोग बहुत समझाए मगर गोपाल ने किसी का नहीं मानी | गोपाल कुछ समय के लिए सोचा कि आखिर गाँव में रहकर आखिर क्या किया जाये ? सोचते सोचते विचार आया कि क्यों न एक खेत में कुआं खोदा जाये | गोपाल कुआं खोदने के कार्य में लग गया ,उसे कुआं खोदते देख कुछ गाँव वाले उसे ऐसा करते देख कहने लगे कि देखो पागल आदमी सुखा में कुवां खोद रहा है ,उस पर हँसते थे ,उसकी मजाक उठाते थे | गोपाल किसी की नहीं सुनी ,वो कुआं खोदते रहे ,अपने काम में लगे रहे | आखिरकार उनका मेहनत रंग लाया और कुआं से पानी निकल आया |
सीख
- आज का निवेश कल का भविष्य है ,जैसे गोपाल ने अपना मेहनत निवेश किया |
- आपका जमा पूंजी समय पर काम आता है ,जैसे कुछ ग्रामीण और गोपाल ने पैसा बचा कर रखे थे |
- निवेश धैर्य और सतत करते रहना चाहिए, जैसे गोपाल ने अपना काम रूपी निवेश करना चालू रखा |
- निवेश लम्बा समय के लिए करना चाहिये ताकि उसकी फायदा दूरगामी हो ,जैसे गोपाल का कुआं खोदना |
May 31, 2026 4:20 PM
SHARE BLOG
0 Comments